अर्थव्यवस्था में नकदी की बहुतायत को भ्रष्टाचार और काले धन का बड़ा स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लोगों से नकदी रहित लेन-देन की ओर बदलाव की राह पकड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आप सबसे, खासकर अपने युवा मित्रों से नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का अनुरोध करता हूं। इससे एक ऐसे भारत की मजबूत नींव तैयार होगी जहां भ्रष्टाचार और काले धन के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आपमें से ज्यादातर लोग कार्ड और ई-वालेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आपके साथ उन तरीकों को साझा करना चाहिए जिनसे नकदीविहीन लेनदेन में यथासंभव वृद्धि हुई है। मोदी ने कहा कि आठ नवंबर को किए गए फैसले ने भारत के आर्थिक बदलाव में केंद्रीय भूमिका रखने वाले छोटे व्यापारियों को एक दुर्लभ अवसर दिया है।
दूसरी ओर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में कुछ समय के लिए उथल-पुथल को स्वीकार करते हुए कहा कि इसका अर्थव्यवस्था पर एक तिमाही के करीब असर देखा जा सकता है, लेकिन आने वाले लंबे समय में इसके कई फायदे
होंगे। उधर, भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने नोटबंदी का तो समर्थन किया, लेकिन वित्त मंत्रालय पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पर्याप्त तैयारियां की जाती तो इतनी अव्यवस्थाएं नहीं होतीं।